National Education Policy 2020

दोस्तों हाल ही में मानव संसाधन मंत्रि मंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० बहुत कुछ बदलाव के साथ इसे मंजूरी दे दिया है, इस नई शिक्षा निति के सभी स्कूल में परिवर्तनकारी सुधारों और देश में उच्च शिक्षा प्रणालियों के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।  प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गठबंधन मंत्रिमंडल ने नस्लीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी कर दिया, जिससे स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी सुधार होंगे।  

यह 21 वीं सदी की पहली ज्ञान नीति है, और शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति (NPE) पर चौंतीस वर्ष की है, जो पहुँच, इक्विटी, गुणवत्ता, अफोर्डेबिलिटी और जवाब देही के आधारभूत स्तंभों पर निर्मित है, यह नीति संरेखित है  2030 एजेंडा फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट और उद्देश्य है कि 21 वीं सदी की जरूरतों के अनुकूल स्कूल और कॉलेज की शिक्षा को अधिक समग्र, लचीली, दोनों तरह की शिक्षा देकर एक जीवंत ज्ञान समाज और वैश्विक ज्ञान महाशक्ति में परिवर्तित करना और प्रत्येक छात्र की अद्वितीय क्षमताओं को सामने लाना है।
  

    National Education Policy 2020

    स्कूल और सक्रिय शिक्षा प्रणाली नई शिक्षा नीति का उद्देश्य प्री-स्कूल से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा के सार्वभौमिकरण का लक्ष्य है, दो हजार तीस गाइड गाइड शिक्षा में 100% जीईआर के साथ दो हजार और बीस अंगुल दो करोड़ रुपये  गाइड बच्चों को मुख्य धारा में वापस ले जाना नवीनतम 5 + 3 + 3 + 4 स्कूली शिक्षा के बारह साल और आंगनवाड़ी / पूर्व-स्कूली शिक्षा पर तीन साल के साथ संस्थापक साक्षरता और संख्या पर जोर, शैक्षणिक धाराओं, पाठ्येतर, व्यावसायिक धाराओं के बीच कोई मजबूत अलगाव  स्कूल्स में इंटर्नशिप के साथ कक्षा छह से स्थानांतरित करने के लिए व्यावसायिक छात्रवृत्ति मातृभाषा / मातृभाषा में पांचवीं कक्षा तक अध्यापन / स्थानीय शब्दों का आकलन तीन सौ और साठ डिग्री समग्र प्रगति कार्ड के साथ मूल्यांकन सुधार, उच्च शिक्षा में जीईआर सीखने के परिणाम प्राप्त करने के लिए छात्र प्रगति का पालन करना है। 


    National Education Policy 2020 का मुख्य उद्देश्य 

    उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए 3.5 करोड़ पीठ उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए विषयों की लचीलापन कई प्रवेश / निकास के लिए उपयुक्त प्रमाणीकरण के साथ अनुमति दी जा सकती है। 
    10 + 2 प्रणाली में, शिक्षा 6 साल की उम्र में शुरू हुई थी। इस नई प्रणाली में, शिक्षा अब उम्र में शुरू होगी 3 पूर्वस्कूली की आयु 3-6 वर्ष की होगी। और फिर अगले दो वर्षों के लिए कक्षा 1 और 2 फिर अगले 3 वर्षों के लिए "प्रारंभिक चरण" होगा, जिसमें खेल, खोज और गतिविधि आधारित कक्षा शिक्षण पर ध्यान दिया जाएगा। कक्षा 6 से 8 मध्य स्तर होगा, जिसमें अनुभवात्मक शिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 

    विज्ञान, गणित, कला, सामाजिक विज्ञान और मानविकी अगला कक्षा 9-12 का माध्यमिक चरण होगा जिसमें छात्रों पर बहु ​​अनुशासनिक अध्ययन केंद्रित होगा।  वयस्क का लचीलापन और अधिक विकल्प, सुपरमार्केट में बेचने, या काम करने का काम या नलसाजी, बढ़ईगीरी, बागवानी, ये सभी काम ऐसे हैं जो इंजीनियरिंग, मानविकी या के उचित दायरे में नहीं आते हैं। विश्वविद्यालय जो अतिरिक्त रूप से देखे जाते हैं, उन्हें व्यावसायिक रूप से बड़ी सीमा तक प्रशिक्षित किया जाता है। 

     एक बड़ा अंतर यह है कि भारत में, हम इन नौकरियों को बहुत निम्न स्तर पर देखते हैं, और मानते हैं कि निम्न (जाति) (वर्ग) के लोग इस प्रकार की नौकरियां करते हैं, और हमारे माता-पिता मज़े करते हैं और कहते हैं कि यदि आप अध्ययन नहीं करते हैं, तो क्या आप बढ़ईगीरी करेंगे और बढ़ई बनेंगे? या एक प्लंबर? लेकिन दोस्तों इन सभी नौकरियों को जर्मनी में बहुत सम्मान दिया जाता है जिसे जिस नौकरी को हम कुछ नहीं समझते है।

    विकसित देशों में व्यावसायिक प्रशिक्षण को बहुत महत्व दिया जाता है। वेल्डिंग, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटरी, प्लंबिंग जैसी नौकरियों में इन नौकरियों को देखा जाता है। शेष कुशल नौकरियों के समान स्तर भारत में, इन नौकरियों को तिरस्कार की नजर से देखा जाता है, जो एक मानसिकता है जिसे बदलने की आवश्यकता है। 

    सरकार ने इस मानसिकता को बदलने के लिए कुछ संरचनात्मक परिवर्तन लागू किए हैं, जो उदाहरण के लिए, वर्ग के लिए सही है 6, छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण नौकरियों में इंटर्नशिप करना होगा छात्रों को ऐसी नौकरियों में अनुभव प्रदान किया जाएगा।

    National Education Policy 2020 के चरण

    नई शिक्षा नीति को चार चरणों में विभाजन किया गया है जो 5+3+3+4 चरणों में है। इस नए चरणों में 12 साल की स्कूली शिक्षा तथा 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा शामिल है। National Education Policy को सरकारी तथा प्राइवेट दोनों संस्थानों को फॉलो करना होगा। न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के चार चरण कुछ इस प्रकार है।

    Foundation Stage:- इस स्टेज में 3 से 8 साल तक के बच्चों को 3 साल तक की प्री स्कूल शिक्षा और 2 साल की स्कूली शिक्षा शामिल है। फाउंडेशन स्टेज के अंतर्गत भाषा और शिक्षण के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
    Preparatory Stage:- प्रिप्रट्री स्टेज के अंतर्गत 8 साल से लेकर 11 साल तक के छात-छात्रों  शामिल है। इसमें कक्षा 3 से 5 तक के बच्चो को शामिल किया गया है। इस स्टेज वाले बच्चों की भाषा और संख्यात्मक कौशल में विकास करना शिक्षकों का मुख्य उद्देश्य होगा। इसमें बच्चों को क्षेत्रीय भाषा का भी ध्यान दिया जायेगा। 
    Middle Stage:-  इस स्टेज के अंतर्गत कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को शामिल किया गया है। जिसमे कक्षा 6 से बच्चों को कोडिंग सिखाई जाएगी। और उन्हें व्यवसायिक परीक्षण के साथ-साथ इंटर्नशिप भी प्रदान की जायेगा
    Secondary Stage:- इस स्टेज में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को शामिल किया गया है। इस चरण में सेलेबस चुनने की प्रक्रिया को ख़त्म कर दिया गया है। अब छात्रों को अपनी पसंद का सब्जेक्ट चुन सकते हैं। जैसे कि  साइंस के साथ कॉमर्स का या फिर कॉमर्स के साथ आर्ट्स के सब्जेक्ट भी ले सकते हैं।

    National Education Policy 2020 की मुख्य विशेषताएं  


    • National Education Policy के अंतर्गत शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा जिसमें मेडिकल और लॉ की पढ़ाई शामिल नहीं की गई है।
    • मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय को अब शिक्षा मंत्रालय नाम से जाना जाएगा।
    • पहले 10+2 का कक्षाओ फॉलो किया जाता था, लेकिन इस नई शिक्षा पॉलिसी के अंतर्गत 5+3+3+4 का कक्षाओ को = फॉलो किया जाएगा।
    • जिसमें 12 साल की स्कूली शिक्षा होगी, और इसमें 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा भी शामिल है। 
    • ५ कक्षा तक की शिक्षा में मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा प्रदान की जाएगी।
    • 6 कक्षा से व्यवसायिक परीक्षण का आरंभ कर दिया जायेगा।
    • छात्रों को अब छठी कक्षा से कोडिंग के बारे सिखाई जाएगी।
    • पहले साइंस, कॉमर्स तथा अर्ट सेलेबस होता था। लेकिन अब National Education Policy के अंतर्गत ऐसी कोई भी सेलेबस नहीं होगा। 
    • अब छात्र छात्रा अपनी इच्छा अनुसार विषय चुन सकते हैं।
    • छात्र फिजिक्स के साथ अकाउंट या फिर आर्ट्स का कोई सब्जेक्ट भी पढ़ सकते हैं।
    • सभी स्कूल को डिजिटल किए जाएंगे।
    • सभी प्रकार की क्षेत्रीय भाषा को ट्रांसलेट किया जाएगा।
    • स्कूलों में अब वर्चुअल लैब डिवेलप की जाएंगी।

    National Education Policy 2020 के लाभ एवं बदलाव 

    • स्कूलों में संस्कृत भाषा के साथ-साथ भारत की अन्य प्राचीन भाषाएं पढ़ने का विकल्प रखा जाएगा। 
    • बोर्ड परीक्षाओं में भी बदलाव होने की सम्भावना है, बोर्ड की परीक्षा १ साल में २ बार हो सकती है, ये ऐसा इसलिए किया जायेगा की आपकी तयारी मजबूत हो सके।   
    • शिक्षा को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
    • नई शिक्षा पालिसी के अंतर्गत हाइर एजुकेशन से एमफिल की डिग्री को खत्म किया जा रहा है।
    • छात्रों को 3 भाषा सिखाई जाएंगी जो कि सभी राज्य अपने स्तर पर निर्धारित करेंगे।
    • राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा तैयार की जाएगी।
    • इस नई शिक्षा नीति को सुचारू रूप से चलाने के लिए बहुत सारे संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
    • नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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